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हम देखेंगे, हमारी आदत हो गई है ?

खून खौलता  है
उस मां का
जिसका लाल शहीद  हुआ !
खून खौलता  है
उस पिता का
जिसका लाल शहीद  हुआ !
खून खौलता  है
उस भाई का
जिसका भाई शहीद  हुआ
खून खौलता  है
उस पत्नी का
जिसका सुहाग शहीद  हुआ !
खून खौलता  है
उस दादा का
जिसका नाती शहीद  हुआ !
हम देखेंगे,
हमारी आदत हो गई है ?

अनिलकुमार सोनी




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"देश की नब्ज और किसान"

जेब खाली ! जुबान खाली ! जिग़र के अरमान खाली ! खेल खाली ! खेत खाली ! खलिहान खाली ! कुठिया का अनाज खा ली ! हुआ न खाली डब्बा । खाली बोतलें ले लो मेरे यार खाली से सब नफरत करता खाली है किसान खाली डब्बा "मुद्राविहीन देश की जनता सेअराजकता फैलती है"। अनिल कुमार सोनी